जावरा नपाध्यक्ष अनम के खिलाफ हाईकोर्ट में लगी याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा याचिकाकर्ता पार्षद बहुत देरी से आए

प्रदेशभर की विभिन्न निकायों के अध्यक्षों के खिलाफ दायर सभी याचिकाएं एक साथ निरस्त

जावरा नपाध्यक्ष अनम के खिलाफ हाईकोर्ट में लगी याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा याचिकाकर्ता पार्षद बहुत देरी से आए

रतलाम/मप्र. जावरा नगरपालिका अध्यक्ष अनम कड़पा के खिलाफ भाजपा पार्षद रुकमण-राजेश धाकड़ ने जो याचिका हाईकोर्ट इंदौर में लगाई थी, उसे हाईकोर्ट ने 13 मई 2026 को खारिज कर दिया है। इसी के साथ नपाध्यक्ष अनम कड़पा को बड़ी राहत मिली है और वे पहले की तरह नगरपालिका के अध्यक्ष पद पर कार्य करती रहेंगीं। पार्षद धाकड़ ने याचिका दायर करके कहा था कि वर्ष 2022 में हुए निकाय चुनाव के बाद अध्यक्ष निर्वाचन होने संबंधी गजट नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ था। इसलिए नपाध्यक्ष विधिवत रूप से इस पद पर कार्य नहीं कर सकती है और उनके वित्तीय अधिकार भी रोकने की मांग की गई थी। ऐसी ही याचिकाएं प्रदेशभर से कई निकायों को लेकर लगी लेकिन हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता चार साल बाद कोर्ट पहुंचे। वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं रहे और इतने अधिक विलंब के बाद इन याचिकाओं पर सुनवाई नहीं की जा सकती है। यदि चार साल बाद अब हाईकोर्ट कोई फैसला देता है तो इससे निकाय के कामकाज प्रभावित होंगे। इसलिए याचिकाएं खारिज की जाती है। 

       हालांकि इस पूरे मामले में रिट पीटिशन दायर करने वालीं पार्षद के प्रतिनिधि राजेश धाकड़ का कहना है कि 10 अप्रैल को हाईकोर्ट ने नपाध्यक्ष अनम के वित्तीय अधिकारों से रोक हटा दी थी। उस आदेश के खिलाफ हमने हाईकोर्ट की डबल बैंच में भी अपील दायर की थी। वह अभी लंबित है और हमें उम्मीद है कि डबल बैंच से हमें न्याय मिलेगा। अभी यह मामला पूरी तरह खारिज नहीं हुआ बल्कि न्यायालय में एक रीट अपील पेंडिंग है। जिसमें जल्द सुनवाई होना है।