यह नगर पालिका की राजनीति में क्या हो रहा है... कभी विधायक प्रतिनिधि और भाजपा पार्षद में हाथापाई तो कभी कर्मचारी नेता और पार्षद प्रतिनिधि भिड़ रहे

यह नगर पालिका की राजनीति में क्या हो रहा है... कभी विधायक प्रतिनिधि और भाजपा पार्षद में हाथापाई तो कभी कर्मचारी नेता और पार्षद प्रतिनिधि भिड़ रहे

रतलाम. जिले के जावरा में नगर पालिका की राजनीति में इन दिनों भूचाल आया हुआ है। कभी एक ही पार्टी के विधायक प्रतिनिधि और पार्षद बाजार में मुख्य चौराहे पर हाथापाई पर उतारू हो रहे हैं तो कभी नगर पालिका कार्यालय परिसर में ही कर्मचारी नेता और पार्षद प्रतिनिधि के बीच तू-तू मैं-मैं के साथ ही गाली गलौज भी चल रही है। इसे लेकर नगर भर में चर्चा का माहौल है। अभी एक दिन पहले ही घंटाघर चौराहा तरफ विधायक प्रतिनिधि और भाजपा के ही पार्षद के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई और बात हाथापाई तक पहुंच गई थी। यहां विधायक प्रतिनिधि भारी पड़ते नजर आए। बाद में अन्य नेताओं ने बीच बचाव करके मामला शांत करवाया। वही सोमवार को हिंदू संगठनों के प्रदर्शन के दौरान नगर पालिका परिसर में गोवंश पकड़ने छोड़ने संबंधी कमेंटबाजी को लेकर नगर पालिका सफाई कर्मचारी नेता और भाजपा पार्षद प्रतिनिधि के बीच कहा-सुनी और विवाद हो गया। इनके बीच काफी कहासुनी हुई। यहां भी मामला हाथापाई तक पहुंचने वाला था कि पूर्व नपा उपाध्यक्ष पवन सोनी और कांग्रेस पार्षद कन्हैयालाल हाडा ने मिलकर बीच बचाव किया और मामला शांत करवाया। इसे लेकर नगरभर में चर्चा का माहौल है कि अब नगर पालिका की राजनीति में इस कदर मनमुटाव गहरा गया है कि नौबत हाथापाई तक पहुंचने लगी है। यदि समय रहते इसे नियंत्रित नहीं किया गया तो हो सकता है आगे चलकर नया और बड़ा बखेड़ा खड़ा ना हो जाए। बड़े नेताओं को हस्तक्षेप करके इन सभी मामलों को शाॅर्ट आउट करने के ऊपर ध्यान देना चाहिए। 

         इधर कुछ दिन पहले गड्ढे में गिरी भैंस को निकालने में नगर पालिका की जेसीबी द्वारा मदद नहीं करने और ट्रेचिंग ग्राउंड पर मृत गोवंश के अंतिम संस्कार की सही व्यवस्था नहीं करने को लेकर हिंदू संगठन और गौ रक्षा दल ने सोमवार को घंटाघर चौराहा से नगर पालिका तक रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ पार्षद प्रतिनिधियों ने और गोरक्षा दल ने नपा अध्यक्ष के पिता का नाम लेते हुए कई आरोप लगाए और जुबानी हमले बोले। नगर पालिका की राजनीति के लिए यह भी अच्छे संकेत नहीं है। उक्त तीनों ही घटनाक्रम नगर पालिका के राजनीति में अंदर ही अंदर उठ रहे तूफान की ओर इशारा कर रहे हैं।

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