आखिर जावरा विधायक डॉ. पांडेय को क्यों लिखना पड़ा कि मुझे खुमारी उतारना भी आती है....
कांग्रेस नेता वीरेंद्र सिंह सोलंकी की फेसबुक पोस्ट पर विधायक ने दिया जवाब, सोलंकी ने भी लिखा मुझे तो जनहित के मुद्दे उठाने की है खुमारी
रतलाम. सोशल मीडिया फेसबुक पर जावरा विधायक डॉ राजेंद्र पांडेय और विधानसभा चुनाव में उनके प्रतिद्वंदी रहे कांग्रेस नेता वीरेंद्र सिंह सोलंकी के बीच चल रही कमेंट्स बाजी और तकरार से जावरा की राजनीति में गर्माहट आ गई है।
कांग्रेस नेता सोलंकी ने गुरुवार को ग्राम बहादुरपुर जागीर में सरकारी स्कूल का निरीक्षण किया और वहां पर बिजली कनेक्शन नहीं होने से बच्चों को हो रही असुविधा का मुद्दा उठाया। उन्होंने एक वीडियो बयान पोस्ट करते हुए कहा कि स्कूल में लैब है लेकिन लाइट नहीं होने से बच्चे कंप्यूटर नहीं चला पा रहे। कक्षाओं में पंखे नहीं चल रहे। यहां ट्यूबवेल है लेकिन मोटर नहीं चल रही। मेरा विधायक से निवेदन है कि यदि जन्मदिन की खुमारी उतर गई हो तो वह स्कूल में जाकर बच्चों की समस्याएं देखें और उनका हल करवाए।
इसी फेसबुक पोस्ट पर विधायक डॉक्टर पांडेय ने भी जवाब लिख दिया। उन्होंने लिख दिया कि वैसे तो मैं गांव में जाता हूं। कई मुद्दों पर चर्चा होती है लेकिन यह संज्ञान में क्यों नहीं आया यह मेरे लिए भी असहज करने वाली बात है। इस समस्या का निराकरण भी होगा। लेकिन मेरे भाई मैं खुमारी में नहीं रहता हूं। एक दिन पहले ही 12 किलोमीटर की पदयात्रा की है और मुझे खुमारी नहीं आती... उतारना आती है।
फिर इसके जवाब में कांग्रेस नेता सोलंकी ने भी लिख दिया कि मुझे जनता की लड़ाई लड़ने की खुमारी 25 सालों से चढ़ी हुई है। इसके बाद दोनों तरफ से समर्थकों में भी इसी तरह की कॉमेंट्स बाजी और टिका टिप्पणी शुरू हो गई है। चर्चा इस बात को लेकर भी है कि अब तक स्थानीय कोई कांग्रेस नेता विधायक के खिलाफ इस प्रकार की तीखी बयान बाजी नहीं करता है और सोलंकी ने चुनावी अंदाज में तीखा जुबानी हमला बोला तो माहौल गरमा तो तय था।


