जावरा रैली में करणी सेना परिवार का शक्ति प्रदर्शन, हरदा जन क्रांति न्याय आंदोलन के लिए सर्व समाज एकजुट
जीवन सिंह शेरपुर बोले आज सड़क पर लड़ रहा हूं। कल सदन में जाऊंगा तो कोई किसान परेशान नहीं रहेगा
जावरा. करणी सेना परिवार प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर के नेतृत्व में 21 दिसंबर को हरदा में प्रस्तावित जन क्रांति न्याय आंदोलन यात्रा को लेकर तैयारियां पूरे जोर पर हैं। इसी क्रम में मंगलवार को जावरा में शेरपुर के नेतृत्व में जनक्रांति न्याय यात्रा आव्हान बाईक रैली निकाल कर करणी सेना परिवार द्वारा शक्ति प्रदर्शन किया गया। जिसमें करणी सेना परिवार के साथ ही सर्व समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए। यात्रा का सर्व समाज द्वारा शहर में कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। रैली समापन उपरांत चौपाटी स्थित शिक्षक नगर पर भव्य जन सभा आयोजित हुई। जिसमें विभिन्न वक्ताओं ने हरदा में होने वाले आंदोलन को सफल बनाने का आव्हान किया।
आव्हान रैली सुबह 11 बजे गुन्ना चौक स्थित पैलेस मैदान से प्रारंभ होकर पुल बाजार स्थित शंकर मंदिर, भड़भुजा चौक, बजाज खाना, घंटाघर चौराहा, कोठी बाजार, कमानी गेट, नीम चौक, लक्ष्मीबाई रोड़, रतलामी गेट, गौशाला रोड़, सिटी ओवर ब्रिज, चौपाटी रोड़, चौपाटी चौराहा से होकर फोरलेन स्थित शिक्षक नगर पुलिस पैट्रोल पंप के पीछे पहुंची। जहां जनसभा हुई। जनसभा की शुरुआत मां करणी और महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुई। जीवन सिंह शेरपुर ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर जन क्रांति न्याय यात्रा के संकल्प को दोहराया। उन्होंने समाज के लोगों से आंदोलन के उद्देश्य, आवश्यकता और हरदा की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की।
21 सूत्रीय मांगो से शेरपुर ने कराया अवगत
जनसभा में मौजुद जनसमुदाय को शेरपुर ने कहा कि लव मैरिज में माता-पिता की सहमति अनिवार्य हो और भारतीय संस्कृति की रक्षा हेतु नया विवाह कानून बने। उन्होंने किसानों की समस्याओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि न मुआवजा संतोषजनक है। न खाद-बीज उपलब्ध है और मंडियों में किसानों के सामने कई प्रशासनिक बाधाएं हैं।
उन्होंने विधायकों और विपक्ष की निष्क्रियता पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि सत्ता में बैठे सदन में नहीं बोलते तो विपक्ष सड़क पर क्यों नहीं उतरता? किसान परेशान है, लेकिन उसकी आवाज उठाने को कोई तैयार नहीं।
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक समाज की नहीं बल्कि सभी वर्गों और धर्मों की साझा लड़ाई है। शेरपुर ने वादा किया कि आज सड़क पर लड़ रहा हूं। कल सदन में जाऊंगा तो कोई किसान परेशान नहीं रहेगा। उन्होंने सर्व समाज से 21 दिसंबर को हरदा में भारी संख्या में पहुंचकर इस ऐतिहासिक आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया।
यह एक व्यक्ति या समुदाय का नहीं बल्कि सर्व समाज का संघर्ष है
मंजीत पाल सिंह सांवराद ने कहा कि यह संघर्ष किसी एक व्यक्ति या समुदाय का नहीं बल्कि सर्व समाज की साझा लड़ाई है। हरदा में होने वाली जन क्रांति न्याय यात्रा ऐतिहासिक होगी, जहां विभिन्न वर्गों के लोग एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। शैलेंद्र सिंह झाला ने कहा कि 21 दिसंबर का हरदा आंदोलन केवल करणी सेना का नहीं, बल्कि पूरे सर्व समाज का आंदोलन है। देशभर से लाखों लोग 21 सूत्री मांगों के समर्थन में हरदा पहुंचेंगे। और यह आंदोलन सामाजिक न्याय, हक-अधिकार और किसानों, पिछड़ों, गरीबों, सवर्णों के सम्मान की सबसे बड़ी लड़ाई बनेगा। इस दौरान महिला प्रदेश प्रभारी दुर्गेशकुंवर भाटी, बिजली पीडि़त उपभोक्ता समिति के निलेश मेहता, सुनिल पोखरना, किसान नेता रामजी पटेल ने भी संबोधित किया। आव्हान रैली में महिला प्रदेश अधिवक्ता प्रीति सोलंकी, नपा पार्षद भावना विश्वास शर्मा, ईश्वरलाल पाटीदार, करणी सेना परिवार जिलाध्यक्ष पूष्पेन्द्रसिंह केरवासा, करणी सेना परिवार के ऋषीराजसिंह राठौर, चन्द्रपालसिंह, अरविन्दसिंह, कुलदीपसिंह, दिलीपसिंह, भानुप्रतापसिंह, गौरव सिंह, शैलेन्द्रसिंह, विश्वास शर्मा, बिजली पीडि़त उपभोक्ता समिति के असलम मेव, अली जमान खान, हाजि तारुक भाई आदि मौजूद थे। यात्रा में करणी सेना परिवार के साथ बड़ी संख्या में वरिष्ठजन, राजपूत समाज व सर्वसमाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभा का संचालन हरीश प्रतापसिंह पिपलौदा ने किया। आभार यादवेन्द्रसिंह तौमर ने माना।