डिजिटल अरेस्ट : रतलाम के रिटायर्ड प्रोफेसर से 1.34 करोड रुपए ठगे, तीन राज्यों से 10 आरोपी गिरफ्तार
पहले क्राइम ब्रांच अधिकारी, फिर वीडियो कॉल पर नकली कोर्ट, जज और वकील बनकर किया डिजिटल अरेस्ट, ऐसे 1.34 करोड़ की ठगी करने वाले 10 आरोपी गिरफ्तार
रतलाम पुलिस ने किया बड़ा खुलासा : मप्र के साथ यूपी, गुजरात से भी पकड़ाए आरोपी, अब बिहार में सर्चिंग जारी
रतलाम. रतलाम में रहने वाले एक सेवानिवृत प्रोफेसर को कुछ बदमाशों ने डिजिटल अरेस्ट में रखते हुए उनसे एक करोड़ 34 लाख रुपए की ठगी कर ली। इस गिरोह में बिहार, गुजरात सहित कई राज्यों के बदमाश शामिल है। पुलिस ने तीन राज्यों से कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। डिजिटल अरेस्ट के मामले में पुलिस द्वारा की गई यह बड़ी कार्रवाई है। जिसका खुलासा 30 दिसंबर मंगलवार को रतलाम एसपी अमित कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया है।
यह है मामला : ऐसे डिजिटल अरेस्ट कर ठग लिए रुपए
15/11/2025 को फरियादी के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल प्राप्त हुआ। कॉल करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए फरियादी को गंभीर आरोपों में फंसाने का भय दिखाया। आरोपी द्वारा यह कहा गया कि फरियादी के नाम से जारी सिम का उपयोग एक बड़े फ्रॉड में हुआ है। मुंबई स्थित केनरा बैंक में लगभग 247 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की गई है। उक्त बैंक खाते में फरियादी का आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेज लगे हुए हैं। फरियादी द्वारा किसी भी प्रकार की जानकारी से इनकार करने पर उसे गिरफ्तारी वारंट जारी होने और तत्काल गिरफ्तारी का भय दिखाया गया। इसके बाद व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से फरियादी को मानसिक दबाव में लिया गया। आधार कार्ड एवं अन्य निजी दस्तावेज प्राप्त किए गए। फरियादी के मोबाइल में Signal App इंस्टॉल करवाया गया। वीडियो कॉल के दौरान न्यायालय जैसा सेटअप, जज, वकील एवं गवाहों का नाटकीय दृश्य दिखाकर उसे “डिजिटल अरेस्ट” की स्थिति में रखा गया। इस प्रकार आरोपियों द्वारा फरियादी की संपत्ति एवं बैंक खातों की जानकारी लेकर ब्लैकमेल किया गया तथा दिनांक 15/11/2025 से 12/12/2025 के बीच कुल 1 करोड़ 34 लाख 50 हजार रुपये भय एवं छल के माध्यम से प्राप्त कर लिए गए।
सूचना मिलते ही पुलिस ने यह एक्शन लिया
घटना की गंभीरता के दृष्टिगत सूचना मिलते ही रतलाम पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए ई-एफआईआर दर्ज की गई। थाना डीडी नगर पर धारा 318(4), 319(2), 308, BNS धारा 66(सी) एवं 66(डी) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) राकेश खाखा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) विवेक कुमार लाल के मार्गदर्शन में 18 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। इसी टीम ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए तीन राज्यों से कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस की अंतरराज्यीय कार्रवाई एवं गिरफ्तारियां :-
जबलपुर से एक नाबालिक सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया
आरोपी अशोक पिता राधेश्याम जायसवाल उम्र 61 वर्ष, सनी पिता सोनु जायसवाल उम्र 34 वर्ष, सारांश उर्फ शानु पिता योगेन्द्र तिवारी उम्र 18 वर्ष और एक विधि विरुद्ध बालक को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों द्वारा फरियादी से ठगी गई राशि में से कुल 14 लाख रुपये आपसी साँठ-गाँठ से अपने खातों में प्राप्त किए गए।
नीमच से गिरफ्तार आरोपी के खाते में भी संदिग्ध राशि
आरोपी पवन पिता कैलाश कुमावत उम्र 23 वर्ष निवासी इन्द्रा कॉलोनी, नयागांव, थाना जावद, जिला नीमच को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खाते में 14 लाख रुपये की संदिग्ध राशि प्राप्त होना पाया गया।
उत्तर प्रदेश से यह आरोपा गिरफ्तार हुआ
आरोपी अमरेन्द्र कुमार पिता बडेलाल प्रसाद मौर्य, उम्र 34 वर्ष को गिरफ्तार किया गया। आरोपी एक NGO संचालक है, जिसके बैंक खाते में 50 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन पाया गया।
गुजरात से भी 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया
आरिफ घाटा, हमीद खान पठान, शाहिद कुरेशी, सादिक हसन समा को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों द्वारा ठगी गई राशि का उपयोग क्रिप्टो करेंसी की खरीद में कर लगभग 5 लाख रुपये का अवैध लाभ अर्जित किया गया।
अब एक टीम बिहार रवाना की गई है, जहां अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। गुजरात में भी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु सतत प्रयास किए जा रहे हैं।
धाराओं में वृद्धि की :- सूचना प्रौद्योगिकी एवं दूरसंचार माध्यमों का उपयोग कर संगठित रूप से धोखाधड़ी किए जाने पर प्रकरण में धारा 111 BNS का अतिरिक्त इजाफा किया गया है।
इस पुलिस टीम की रही सराहनीय भूमिका
इस जटिल एवं अंतरराज्यीय साइबर अपराध के सफल अनावरण में निम्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विशेष भूमिका रही :- निरीक्षक अमित कोरी, निरीक्षक शंकर सिंह चौहान, उप निरीक्षक अनुराग यादव, उप निरीक्षक प्रवीण वास्कले, उप निरीक्षक जीवन बरिया,
प्र. आर. हिम्मत सिंह, प्र. आर. मनमोहन शर्मा, प्र. आर. लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी, आरक्षक राहुल पाटीदार, तुषार सिसोदिया, मोर सिंह, विपुल भावसार, आर मयंक व्यास आरक्षक पावन जाट, आरक्षक सुनील (थाना दीनदयाल नगर), आरक्षक संजय कुशवाहा (थाना दीनदयाल नगर)।