चलो ये भी अच्छा है... सीएम साहब तो नहीं आए लेकिन अधिकारी तो खेतों में पहुंच गए

फसल नुकसानी का आकस्मिक निरीक्षण करने ग्राम आंबा आने की थी सूचना, लेकिन नहीं आए सीएम

चलो ये भी अच्छा है... सीएम साहब तो नहीं आए लेकिन अधिकारी तो खेतों में पहुंच गए

रतलाम. पीला मोजेक सहित विभिन्न बीमारियों और अतिवृष्टि से कई गांवों में सोयाबीन सहित अन्य खरीफ फसलें खराब हो गई है। इसलिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विभिन्न जिलों में आकस्मिक निरीक्षण पर भी पहुंच रहे है ताकि किसानों की परेशानी समझ सकें।

                     9 सितंबर 2025 मंगलवार को रतलाम जिला प्रशासन को भी कहीं से सूचना मिली कि मुख्यमंत्री जी रतलाम जिले में आ सकते है। चूंकि आंबा गांव में ज्यादा नुकसानी की खबरें चल रही थी, इसलिए वहां सीएम के आने की संभावना है। फिर क्या था कलेक्टर साहब और एसपी साहब से लेकर सभी अफसर तुरंत आंबा पहुंच गए। वहां देखा कि सीएम सर आएंगे तो हेलीकॉप्टर कहां उतारेंगे लेकिन आंबा में ऐसी सुरक्षित जगह नहीं मिली। फिर सैलाना पहुंचे और वहां एक स्कूल परिसर को चिन्हित किया। फिर बाद में पता चला कि मुख्यमंत्री जी आज ताे नहीं आएंगे। इसके बाद अफसरों ने राहत की सांस ली। हालांकि बाद में कलेक्टर साहब खुद ही आंबा में प्रभावित किसानों के खेतों में पहुंचे। उनके साथ एसडीएम से लेकर तहसीलदार सभी अधिकारी थे। कलेक्टर राजेश बाथम ने किसानों से जानकारी ली। किसानों ने भी अपनी परेशानी जिले के मुखिया कलेक्टर साहब को बताई। इसके बाद अधिकारी वापस लौट आए। ग्रामीणों में चर्चा रही कि भले ही सीएम साहब नहीं आए लेकिन इस बहाने कम से कम जिलेभर के अधिकारी तो उनके खेतों तक आ गए। वरना अब तक तो पटवारी, ग्राम सेवक से ऊपर कोई आने को तैयार नहीं था। चूंकि अधिकारियों ने किसानों की परेशानी खुद देख ली है तो किसानों को उम्मीद बंधी है बीमा क्लेम या जो भी आर्थिक सहायता प्रशासनिक इनपुट के आधार पर शासन तय करेगा उसका लाभ तो मिलेगा। खैर लाभ मिलेगा या नहीं ये तो सरकार या बीमा कंपनी स्तर से तय होगा लेकिन फिलहाल अफसरों के खेतों में पहुंचने से किसान जरूर खुश हुए है।