विजया दशमी पर संघ ने निकाले पथ संचलन, पंच परिवर्तन का विजन, जेन-जी को भी दिया संदेश
जावरा. विजयादशमी स्थापना दिवस पर आरएसएस ने नगर की तीन बस्तियों में पथ संचलन निकाले। केदारनाथ बस्ती में जिला प्रचारक मानस जी व समाजसेवी वर्दीचंद सोनगरा, नगर कार्यवाह आकाश भावसार मंचासीन रहे। जिला प्रचारक ने बौद्धिक दिया। मल्लिकार्जुन बस्ती में जिला संपर्क प्रमुख यश जैन व जिला घोष प्रमुख जगदीश डोंगरे मंचासीन रहे और बौद्धिक यश जैन ने दिया। जबकि महाकाल बस्ती में विभाग धर्म जागरण संयोजक दिनेश गुप्ता, बस्ती कार्यवाह निलेश जोशी मंचासीन रहे। यहां दिनेशजी ने बोद्धिक दिया और सभी जगह शस्त्र पूजन भी हुआ।
बौद्धिक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपने शताब्दी वर्ष और आगामी वर्षों के सामाजिक पुनरुत्थान के लिए 'पंच परिवर्तन' का विज़न पेश किया। इसका उद्देश्य व्यक्ति, परिवार और समाज में सकारात्मक और आचरण आधारित बदलाव लाना है।
पंच परिवर्तन के ये हैं 5 प्रमुख स्तंभ,
- कुटुंब प्रबोधन (परिवार संस्था को मजबूत करना):
- परिवार में संवाद, प्रेम, पारंपरिक संस्कारों और नैतिक मूल्यों को बढ़ाना।
- बच्चों और युवाओं को अपनी संस्कृति और पूर्वजों के इतिहास से जोड़ना।
- सामाजिक समरसता (भेदभाव मुक्त समाज):
- समाज से छुआछूत, ऊंच-नीच और जातिगत भेदभाव को समाप्त करना।
- 'एक मंदिर, एक जलस्रोत, एक श्मशान' जैसे अभियानों के माध्यम से सामाजिक एकता को बढ़ावा देना।
- पर्यावरण संरक्षण:
- प्रकृति के साथ संतुलन बनाना और प्राकृतिक संसाधनों का कम व समझदारी से उपयोग करना।
- जल संरक्षण, स्वच्छता और 'एक वृक्ष मातृभूमि के नाम' जैसे अभियान चलाना।
- स्वदेशी आचरण (स्वावलंबन और स्व का बोध):
- दैनिक जीवन में स्वदेशी उत्पादों और स्थानीय संसाधनों को अपनाना।
- देश की संस्कृति, इतिहास और पहचान पर गर्व करना तथा आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहन देना।
- नागरिक कर्तव्य:
- अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहना।
- संविधान, कानून का पालन, अनुशासन, कर-पालन (Tax compliance), मतदान और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना।
और हाल ही में हुए जेन जी आंदोलनों के संदर्भ में कहा गया कि जेन-जी को ऐसे आंदोलनों में देश विरोधी ताकतों से सतर्क रहना होगा। समाज को राष्ट्र भक्ति एवं देश सेवा के लिए सदेव तैयार रहने के लिये आह्वान किया गया है।