जिले के 4 परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवाएं समाप्त, विरोध में सभी पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए

स्वामित्व योजना में फ्री रजिस्ट्री कराने के लिए सरकार ने पटवारियों को निष्पादक बनाया, इसी का कर रहे हैं विरोध

जिले के 4 परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवाएं समाप्त, विरोध में सभी पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए

रतलाम. रतलाम ग्रामीण तहसील के चार परीविक्षाधीन पटवारी अंकित गुप्ता, शैलेंद्र प्रताप राठौड़, सौरभ पुरोहित व यशवर्धन शर्मा की सेवाएं कलेक्टर अजय कटेसरिया ने तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के आदेश जारी किए। यह निर्णय परिवीक्षा अवधि के दौरान उनके कार्य निष्पादन, निर्धारित दायित्वों के निर्वहन तथा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के अनुपालन के समग्र मूल्यांकन के आधार पर लिया गया है। चर्चा है कि स्वामित्व योजना में सरकारी आदेशों का पालन नहीं करने की स्थिति में ऐसी कार्रवाइयां प्रदेशभर में हुई है और पटवारी संघ का कहना है कि यह कार्रवाइयां सरकार की दबाव बनाने की नीति है।

     स्वामित्व योजना में फ्री रजिस्ट्री कराने के लिए पटवारियों को निष्पादक बनाया गया है। जबकि पटवारी ऐसा नहीं चाहते। मप्र पटवारी संघ ने मांग की है कि पहले रिकार्ड में त्रुटी सुधार करने का अवसर दें और फिर रजिस्ट्री करवाएं। इसमें भी पटवारियों को निष्पादक की भूमिका से दूर रखें। वे निष्पादक बनने को तैयार नहीं है, क्योंकि भविष्य में मुकदमेबाजी होगी तो पटवारी को काेर्ट के चक्कर लगाने पड़ेंगे। शासन की मंशानुसार स्वामित्व योजना में फ्री रजिस्ट्री संबंधी काम शुरू नहीं होने से ही परीविक्षाधीन पटवारियों के खिलाफ सेवाएं समाप्ति संबंधी कार्रवाई की गई है। इसके विरोध में तथा फ्री रजिस्ट्री में निष्पादक की जिम्मेदारी से हटाने की मांग को लेकर रतलाम जिलेभर के पटवारी 7 अक्टूबर 2026 को जिलाध्यक्ष गोपाल रावत के नेतृत्व में एकजुट होकर कलेक्टोरेट पहुंचे। वहां नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद कलेक्टर व राजस्व मंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इसी के साथ परीवीक्षाधीन पटवारियों की सेवाएं समाप्ती वाले आदेश को वापस लेने की मांग की। ऐसा नहीं होने की स्थिति में अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी।  पटवारी संघ जिलाध्यक्ष गोपाल रावत के मुताबिक प्रदेश स्तरीय आव्हान पर सभी पटवारी हड़ताल पर चले गए और सरकारी वाट्एप ग्रुपों से भी लेफ्ट हो चुके है।