पटवारियों पर लगातार गिर रही गाज, एक और की नौकरी गई, 53 की तैयारी, पुराने मामले में तीन निलंबित भी हो गए

स्वामित्व योजना सहित अन्य कार्यों में लापरवाही पर कलेक्टर का एक्शन, 22 को दीर्घ शास्ति के आरोप पत्र भी जारी

पटवारियों पर लगातार गिर रही गाज, एक और की नौकरी गई, 53 की तैयारी, पुराने मामले में तीन निलंबित भी हो गए

जिलेभर के पटवारियों ने दो दिन पहले कलेक्टोरेट में प्रदर्शन किया था और 8 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। अभी गुलाब चक्कर पर धरना भी चल रहा है।

रतलाम. स्वामित्व योजना में फ्री रजिस्ट्री सहित अन्य सरकारी कार्यों में लापरवाही मामले में रतलाम कलेक्टर अजय कटेसरिया पटवारियों के खिलाफ सख्त रूख अपना रहे है। तीन-चार दिनों में ही अब तक पांच परीवीक्षाधीन पटवारियों की नौकरी जा चुकी है। पहले चार पटवारी को पद से हटाया था और अब पिपलौदा तहसील के एक पटवारी रजनीश राज रेगा की सेवाएं भी समाप्त कर दी है। साथ ही 10 पटवारियों को दीर्घ शास्ति के आरोप पत्र जारी किए गए है। 12 को पहले ही जारी हो चुके है। इस तरह अब तक 22 पटवारी को दीर्घ शास्ति आरोप-पत्र मिल चुके है। इसके अलावा परीवीक्षाधीन 53 अन्य पटवारियों को भी अंतिम सूचना पत्र जारी कर दिया है। यदि वे काम पर नहीं लौटे तो उनकी भी सेवाएं समाप्त की जा सकती है। इसके अलावा रिश्वत व अन्य पुरानी शिकायतों के मामलों में अभियोजन स्वीकृति जारी होने से तीन पटवारी को निलंबित भी कर दिया है। इनमें जावरा के प्रवीण जैन, पंचेड़ के रमेश बैरागी और ताल तहसील के पटवारी प्रभुकुमार गरवाल शामिल है। इधर सभी पटवारी स्वामित्व योजना में फ्री रजिस्ट्री के लिए खुद को निष्पादक बनाए जाने के विरोध में हड़ताल पर चल रहे है। पटवारी संघ की मांग है कि उन्हें निष्पादक भूमिका से हटाएं और जिनकी सेवाएं समाप्त की है उन्हें फिर से बहाल किया जाए, तभी वापस काम पर लौटेंगे।

जिन पटवारियों को आरोप-पत्र जारी किए गए हैं उनमें श्री सुदीप शर्मा हल्का क्र. 70-धराड़, श्री मोहित कुमार सिंह हल्का क्र. 82-सिमलावदा, श्री गिरीश शर्मा हल्का क्र. 22-बांगरोद, श्री सुशील भिण्डवाल हल्का क्र. 101-बिरमावल, श्री आकाश रलोतिया हल्का क्र. 81-रत्तागढ़खेड़ा, श्री दुर्गेश हेदरिया हल्का क्र. 58-शिवपुर, श्री श्यामेंद्र भदौरिया हल्का क्र. 13-सेमलिया, श्री आशीष चौधरी हल्का क्र. 5- पंचेड, श्री महेंद्र बारिया हल्का क्र. 56-बड़ोदिया तथा श्री मनोज सिंह मंडलोई हल्का क्र. 60-लुनेरा शामिल हैं।
 
               आरोप-पत्र जारी किए जाने के बाद संबंधित पटवारियों के विरुदध विभागीय अनुशासनात्मक प्रक्रिया के अंतर्गत आगे की कार्यवाही की जाएगी। संबंधित कार्मिकों के उत्तर एवं जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपों का परीक्षण किया जाएगा। आरोप प्रमाणित होने की स्थिति में नियमानुसार दीर्घ शास्ति की कार्रवाई की जा सकती है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इसमें सेवा से बर्खास्तगी जैसी शास्ति की संभावना भी शामिल है। आरोप-पत्र जारी होना अंतिम दंडादेश नहीं है। अंतिम निर्णय विभागीय प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद लिया जाएगा।