ऑनलाइन वॉच सेलिंग के नाम पर 6.43 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, जावरा पुलिस ने 2 आरोपियों को हरिद्वार एवं कोटा से किया गिरफ्तार
टेलीग्राम के माध्यम से झांसा देकर रजिस्ट्रेशन फीस एवं अधिक मुनाफे के नाम पर कराई थी लाखों रुपये की ठगी
-आरोपियों से ₹28,000 नगद एवं मोबाइल फोन जप्त, ठगी की राशि एवं अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ जारी
-रतलाम पुलिस द्वारा इस वर्ष अगस्त 2026 तक 89 कोर्ट ऑर्डर के तहत ₹1.03 करोड़ से अधिक की राशि पर कार्रवाई, 49 मामलों में ₹37.06 लाख से अधिक का सफल रिफंड*
रतलाम | दिनांक 01 सितंबर 2026
रतलाम पुलिस ने एसपी अमित कुमार के निर्देशन में साइबर अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की है। इसी क्रम में थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा में दर्ज साइबर ठगी के एक प्रकरण में रतलाम साइबर सेल एवं थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों को हरिद्वार एवं कोटा से गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ₹28,000 नगद एवं मोबाइल फोन जप्त किए गए हैं। प्रकरण में ठगी की राशि की रिकवरी तथा गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
ये है घटना का विवरण
फरियादी बन्नाखेड़ा निवासी व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि वह मजदूरी का कार्य करता है तथा अपने मोबाइल फोन पर टेलीग्राम का उपयोग करता है। दिनांक 29 दिसंबर 2025 को मजदूरी के दौरान उसे टेलीग्राम पर एक अज्ञात आईडी से संदेश प्राप्त हुआ। संदेश के माध्यम से ऑनलाइन घड़ियां सेल करने तथा इससे मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया। आरोपियों द्वारा फरियादी को ऑनलाइन कार्य के लिए एक वेबसाइट लिंक, आईडी एवं पासवर्ड उपलब्ध कराए गए तथा शुरुआत में रजिस्ट्रेशन फीस जमा करने के लिए एक बैंक खाता उपलब्ध कराया गया। फरियादी द्वारा उक्त खाते में ₹10,000 जमा किए गए। इसके बाद ऑनलाइन घड़ियां सेल करने के नाम पर उसके खाते में कुछ राशि मुनाफे के रूप में आने की जानकारी दी गई। इससे फरियादी को आरोपियों पर विश्वास हो गया।
आरोपियों ने इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में राशि जमा करने पर डबल मुनाफा मिलने का झांसा दिया। फरियादी द्वारा आरोपियों के बताए विभिन्न खातों में अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल ₹6,43,285/- जमा कर दिए गए। बाद में आरोपियों द्वारा न तो मुनाफा दिया गया और न ही फरियादी की मूल राशि वापस की गई। इस प्रकार टेलीग्राम के माध्यम से संपर्क कर अलग-अलग व्यक्तियों एवं बैंक खातों का उपयोग करते हुए फरियादी के साथ कुल ₹6,43,285/- की धोखाधड़ी की गई। फरियादी की शिकायत पर थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
पुलिस ने ऐसे की कार्यवाई और आरोपी गिरफ्तार कर लिए
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल के मार्गदर्शन में सायबर सेल रतलाम एवं थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा पुलिस द्वारा तकनीकी एवं बैंकिंग साक्ष्यों का विश्लेषण प्रारंभ किया गया। जांच के दौरान साइबर तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों में हुए लेन-देन एवं उपलब्ध डिजिटल जानकारी का विश्लेषण करते हुए आरोपियों की पहचान एवं उनके संभावित ठिकानों की जानकारी प्राप्त की गई। पुलिस टीम द्वारा लगातार प्रयास करते हुए आरोपी अश्वनी अरोरा S/O रोशन लाल, निवासी HN 08, राजा गार्डन, जगजीतपुर, हरिद्वार, उत्तराखंड को हरिद्वार से और फिर अनिमेष जैन S/O वीरेंद्र कुमार जैन, निवासी VTC, हाथीदिलोद जिला बारां, राजस्थान को कोटा, राजस्थान से गिरफ्तार किया गया।
89 कोर्ट ऑर्डर के तहत ₹1.03 करोड़ से अधिक की राशि पर कार्रवाई
रतलाम साइबर सेल द्वारा अगस्त 2026 तक साइबर अपराध से संबंधित कुल 89 कोर्ट ऑर्डर के तहत ₹1,03,21,402.46 की राशि के संबंध में कार्रवाई की गई है। इनमें से 49 साइबर शिकायतों में ₹37,06,285.63 की राशि पीड़ितों को सफलतापूर्वक रिफंड करवाई जा चुकी है।
साइबर अपराध संबंधी शिकायतों में बैंकिंग एवं तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर ठगी की राशि को सुरक्षित कराने, संबंधित खातों पर आवश्यक कार्रवाई करने तथा न्यायालयीन प्रक्रिया के माध्यम से पीड़ितों को राशि वापस दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
साइबर डेस्क एवं जिला साइबर सेल द्वारा प्राप्त शिकायतों में बैंक खातों, लेन-देन, मोबाइल नंबरों एवं अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। साथ ही NCRP पोर्टल के माध्यम से प्राप्त जानकारी का उपयोग करते हुए साइबर ठगी की राशि को सुरक्षित कराने एवं पीड़ितों को राहत दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
आमजन से पुलिस ने की यह अपील
रतलाम पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ऑनलाइन कमाई, निवेश, पार्ट टाइम जॉब, ऑनलाइन सेलिंग अथवा अधिक मुनाफे के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे जमा न करें। किसी भी अनजान व्यक्ति को OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV, पासवर्ड अथवा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध वेबसाइट पर लॉगिन करने अथवा अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई संदिग्ध एप्लीकेशन इंस्टॉल करने से बचें। यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो बिना देरी किए 1930 साइबर हेल्पलाइन अथवा NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं तथा संबंधित बैंक को तत्काल सूचित करें। त्वरित सूचना मिलने पर ठगी की राशि को सुरक्षित कराने की संभावना बढ़ जाती है।