जावरा-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन का लगातार विरोध कर रहे जन संघर्ष समिति के सदस्यों पर बाउंड ओवर की कार्रवाई, विरोध में ज्ञापन देने पहुंचे
प्रभावितों ने चेतावनी दी कि नोटिस की कार्रवाई वापस नहीं ली तो 1 जून से करेंगे आंदोलन
रतलाम. जावरा में जावरा-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन का शुरू से विरोध कर रही जन संघर्ष समिति के सदस्यों और कुछ अन्य प्रभावितों पर पुलिस-प्रशासन ने बाउंड ओवर की कार्रवाई शुरू कर दी है। शांति भंग की आशंका में बीएनएसएस की धारा 126, 135 (3) के तहत इन्हें नोटिस जारी कर दिए है। इससे आंदोलनकर्ता प्रभावितों में हड़कंप मच गया और नोटिस मिलते ही जन संघर्ष समिति से जुड़े प्रभावित किसान और व्यापारी सीधे सीएसपी कार्यालय पहुंचे। वहां युवराज सिंह चौहान को ज्ञापन देकर उक्त नोटिस की कार्रवाई वापस लेने की मांग की। वहीं हुसैन टेकरी चौराहे से जोयो तिराहे के बीच जहां पुराना एलाइनमेंट निरस्त किया था, वहां रजिस्ट्रियों से प्रतिबंध हटाने की मांग की। ये मांग पूरी नहीं होने पर इन्होंने 1 जून से फिर एसडीएम कार्यालय परिसर में आंदोलन की चेतावनी भी दे दी है।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे सुनील पोखरना, मनोज मेहता, मुकेश धाकड़, एडवोकेट उबेद अंसारी, राजेश चोरड़िया, फरजाना खान, जीतू मालवीय, रंजीत सिंगल, जगदीश सोलंकी, गुड्डू पठान, असलम मेव, सुरेश धनोतिया, दिनेश सैनी, प्रमोद, आर.डी. धाकड़, नागेश्वर, मुकेश नागर, फकीर चंद्र, दिनेश नायमा, असलम कुरैशी, पाटीदार, सिकंदर मेव, दाव मीणा, अनवर शाह, अयुब शाह, मुबारिक शाह सहित अन्य ने कहा कि हम कानून मानने वाले लोग हैं, लेकिन अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना हमारा संवैधानिक अधिकार है। यदि नोटिस की कार्रवाई वापस नहीं ली गई और निरस्त एलाइनमेंट की बंधक भूमि मुक्त नहीं की गई तो सभी प्रभावित पीड़ित किसान न्यायिक तरीके से सोमवार, 1 जून 2026 को SDM कार्यालय में चर्चा करेंगे। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वहीं पुलिस-प्रशासन का तर्क है कि ये सिर्फ 6 महीने तक शांति भंग या कानून व्यवस्था ना बिगड़े इसलिए यह प्रिवेंटिव कार्रवाई है। शांतिपूर्वक ज्ञापन या चर्चा करने की स्थिति में कोई दिक्कत नहीं लेकिन यदि इनके किसी कदम से कानून व्यवस्था बिगड़ती है तो इसमें आगे की कार्रवाई होती है।
इधर जानकारी मिली है कि एक दिन पहले 29 मई 2026 को एमपीआरडीसी की तरफ से कांट्रेक्टर की टीम जोयो तिराहे के पास पुराने बायपास किनारे सोइल टेस्टिंग और फाउंडेशन टेस्टिंग के लिए आई थी, जिसे जन संघर्ष समिति सदस्याें ने विरोध करके वापस रवाना कर दिया। उसी के बाद पुलिस-प्रशासन ने ये नोटिस जारी किए है। समिति सदस्याें का कहना है जब पुराना एलाइनमेंट निरस्त हो गया तो वहां फिर से फोरलेन बनाने की तैयारियां क्यों की जा रही है। इसी का विरोध है। जमीन लेवल पर सिटी फोरलेन का रूप दें तो कोई दिक्कत नहीं रहेगी।
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